प्रबधंन में स्नातकोत्तर कार्यक्रम

“अच्छा अभ्यास मजबूत सिद्धान्त की उपज होता है”. यही आई.आई.एम लखनऊ के प्रबन्धन में परास्नातक कार्यक्रम का मूलमन्त्र है। इस कार्यक्रम की संकल्पना भविष्य में व्यापार के प्रबन्धन की आवश्यक्ताओं को ध्यान में रखते हुए सुद्रढ वैचारिक मूल सिद्धान्तों तथा कौशल के साथ पेशेवर प्रबन्धकों को विकसित करने के लिये की गयी है तथा उन्हें आने वाले कल का परिद्रश्य स्पष्ट किया है कि भविष्य कैसा होगा।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य परास्नातको को इस प्रकार से योग्य बनाना है ताकि वे:

  • आधुनिक समाज तथा उनके वैशिष्ट्य मूल्यों के सामाजिक- आर्थिक, तकनीकी व जैविक प्रभावो को समझ सकें।
  • प्रबन्धन के मूल क्षेत्र तथा प्रभावी क्षेत्रो में आधुनिक तथा कौशल को हासिल कर सकें।
  • अभिनव तथा विशलेषणात्मक द्रश्टिकोणों को परिवर्तन के अनुरूप विकसित कर सकें तथा संगठन सम्बन्धी व्यवस्थाओं के कौशल तथा प्रभावकारिता में वृद्धि कर सकें।
  • सामाजिक रूप से सक्रिय रहने के लिये मूल्यो तथा सक्रियता को विकसित कर सकें।

यह कार्यक्रम द्विवर्षीय, पूर्ण कालिक, आवासीय कार्यक्रम है। कार्यक्रम की कसौटियों को सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रबन्धन में परास्नातक की उपाधि प्रदान की जाती है।

यह कार्यक्रम विद्यार्थियो को नित नयी चुनौतियों के साथ आने वाले कल के लिये तैयार करता रहता है। उद्योगों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर पाठ्यक्रमो में प्रत्येक वर्ष परिवर्तन किया जाता है। प्रभावी स्तर पर नये पाठ्यक्रम प्रत्येक वर्ष प्रारम्भ किये जाते हैं। इससे प्रबन्धन के नवीनतम विचारो तथा सिद्धान्तो के साथ परिचित होने में सहायता प्राप्त होती है जब शेष विश्व इनकी आवश्यकताओं के प्रति जागरूक हो रहा होता है।

यह कार्यक्रम विद्यार्थियो को बहुआयामी दायित्वों को भी लेने के लिये तैयार करता है तथा उन्हे उनसे अपेक्षित त्वरित प्रदर्शन के प्रति भी जागरूक करता है। प्रत्येक मानकों पर यह पाठ्यक्रम खरा उतरता है। परियोजनाएं, अनुरूपी परियोजनाएं, आविधिक मूल्यांकन तथा मांगों से परिपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम यह सुनिश्चित करते हैं कि विद्यार्थी समय के प्रबन्धन तथा कार्य क्षमता व प्रभावकारिता में कौशल का विकास कर सके. यही विशेष प्रशिक्ष्रण आज के चुनौती पूर्ण समय में आई आई एम लखनऊ के प्रबन्धको को भीड से अलग करता है।

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