निदेशक का सन्देश

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1984 से एक साधारण शुरुआत के साथ भारतीय प्रबन्धन सस्थान लखनऊ ( आई आई एम एल) आज एक पूर्ण एकत्रित प्रबन्धन स्कूल के रूप मे विकसित हो चुका है. इस दौरान स्कूल का दिशा-निर्देश दर्शन स्पष्ट रहा है ज्ञान का सृजन, वैश्विक रूप से प्रबन्धन प्रक्रियाओ को प्रभावित करना व एकीकृत करना। शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य, ज्ञान के सृजन, फैलाव तथा अनुप्रयोग के साथ मिश्रित किये गये है ताकि वे एक एकीकृत रूप मे मिल सके तथा सामूहिक प्रभाव का सृजन कर सकें।

संस्थान ऐसे नेतृत्वकारियों को प्रोत्साहन तथा प्रेरणा प्रदान करता है जो कि कोर्पोरेट तथा गैर-क्षेत्रों के प्रबन्धन मे एक अन्तर बनाने मे सक्षम हो। इनमें विद्यार्थियो मे मानव मूल्य तथा व्यावसायिक आचार भी सम्मिलित होते हैं जो उन्हे निर्णय लेने मे तथा वह मार्ग चयन मे मदद करते है जो ना सिर्फ उनके लिये लाभकारी हो बल्कि समाज, राष्ट्र तथा समूचे संसार के लिये भी लाभदायक हों। अपने इस अभियान को नये तथा शक्तिशाली तरीके से पूरा करने के लिये आई आई एम एल लखनऊ समुदाय का प्रत्येक सदस्य प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता पाने के लिये प्रयासरत रहता है – चाहे वह शिक्षा हो, अनुसन्धान हो, सलाह हो या फिर प्रशिक्षण हो, पाठ्यक्रम में तथा शैक्षणिक उपकरणो में निरन्तर परिवर्तन कर.

यह पूर्णतया वैश्विक स्कूल, जो कि प्रबन्धन मे परास्नातक कार्यक्रम (पीजीपीएम), कृषिव्यापार प्रबन्धन मे परास्नातक कार्यक्रम (पीजीपीएबीएम), कामकाजी प्रबन्धको के लिये व्यवसाय प्रबन्धन मे परास्नातक कार्यक्रम (डब्लुएमपी), एग्जेक्यूटिव के लिये प्रबन्धन मे अन्तर्राष्ट्रीय कार्यक्रम (आईपीएमएक्स), प्रबन्धन मे अनुदान कार्यक्रम (एफपीएम) तथा प्रबन्धन विकास कार्यक्रम (एमडीपीस) प्रदान करता है, अपने उत्कृष्ट, समर्पित, तथा गहरे ज्ञानवान शिक्षक संकाय, शैक्षणिक उपकरणों तथा एक विभिन्नदर्शन ग्राही तथा विविध छत्र समुदाय के ऊपर मजबूती से खड़ा है जिनके ह्रदय मे अपनी राह खुद चुनने की ललक है।

संस्थान द्वारा प्रस्तावित पीजीपीएम तथा पीजीपीएबीएम का समग्र परिवर्तन के लिए उन्हें परिक्षण के द्वारा बेहतर प्रभंधक और बेहतर के लिये प्रशिक्षित करते हैं। सख्त पाठ्यक्रम उनमे ना सिर्फ ज्ञान हासिल करने के लिये जुनून उत्पन्न करता है बल्कि उन्हे यह भी सिखलाने का प्रयास करता है कि वास्तविक जीवन की परिस्थितियो मे किस प्रकार अपने ज्ञान को लागू किया जाए। सभी कार्यक्रम विद्यार्थियों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास पर जोर देते है तथा उनमे टीमवर्क और एकता के महत्ता को भी सिखाते है।

विशिष्ट रूप से बना डब्लुएमपी हमारा वह त्रिवर्षीय सान्ध्यकालीन कार्यक्रम है जो उन कामकाजी प्रबन्धकों, उद्यमियों तथा पेशेवरों के लिये है जो अपने वर्तमान कार्य, नौकरी को जारी रखते हुए एक औपचारिक वातावरण मे अपनी दक्षताओं तथा मे वृद्धि करने के इच्छुक होते हैं। यह कार्यक्रम उत्साही तथा बुद्धिमान एग्जेक्युटिव की सीखने की इच्छाओं को पूरा करने के लिये विशेष रूप से संरचित किया गया है तथा यह उनमे भविष्य के व्यवस्याय प्रबन्धन के लिये आवश्यक कौशल व मजबूत वैषयिक सिद्धान्तो की भी नीँव डालेगा।

एक वर्षीय आई पी एम एक्स मध्य/ वरिष्ठ स्तरीय पेशेवरों के लिये बनाया गया है ताकि वे अन्तर्राष्ट्रीय व्यावसायिक वातावरण के लिये नेतृत्वकारी भूमिकाओ के लिये तैयार हो सकें। पाठ्यक्रम व्यावसाय की कूटनीतिक समझ पर जोर देता है, व्यावहारिक कौशल योग्यताओं में कार्य आधारित परियोजनाओं के माध्यम से तथा उद्योगों के हस्तक्षेप के माध्यम से विकास करता है। इस कार्यक्रम का मुख्य घटक है फैकल्टी ओफ मैनेजमेन्ट, मैकगिल यूनिवर्सिटी, मोन्ट्रीयल कनाडा मे 4-5 सप्ताह का एक अन्तर्राष्ट्रीय मॉड्यूल जो विद्यार्थियो को एक अन्तर्राष्ट्रीय शिक्षा का अनुभव प्रदान करता है।

डॉक्टरल स्तर का हमारा कार्यक्रम, प्रबन्धन मे अनुदान कार्यक्रम (एफपीएम) प्रबन्धन मे उन विद्वानों के लिये उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करता है जो कि शिक्षक, अनुसन्धानकर्ता, प्रशिक्षक, तथा सलाहकार के रूप मे अपना कैरियर बना चाहते हैं।
अन्तर्राष्ट्रीय ऐकस्चेन्ज कार्यक्रम समूचे विश्व मे अग्रणी प्रबन्धन स्कूलो के साथ सम्बन्ध स्थापित करने पर जोर देता है.

अनुसन्धान कार्य कोर्पोरेट तथा गैर कंपनी क्षेत्रों के लिये प्रबन्धन कार्य से सम्बन्धित ज्ञान के आधार को सुद्रढ करने के लिये किये जाते है। वर्ष मे दो बार हमारे प्रकाशित होने वाला मेटामोर्फ़ोसिस: व्याव्सायिक नेताओ के लिये एक समाचारपत्र, हमारा आधिकारिक अंग है जो कि प्रबन्धन की संलग्न तथा आने वाली प्रक्रियाओं मे नवीनतम विचारो को प्रकाशित करता है।

सलाहकार सेवाएं विविध प्रकार के संस्थानो को उनकी समस्याओं को सुल्झाने तथा उनकी प्रबन्धन प्रक्रियाओं का विकास करने के लिये प्रदान की जाती है जो कि आर्थिक रूप से विभिन्न क्षेत्रों मे फैले हुए हैं।

संस्थान के अभियान को ध्यान मे रखते हुए उद्योगों, सरकार तथा गैर सरकारी क्षेत्रों मे वरिष्ठ एग्जेक्यूटिवस को सम्बन्धित प्रशिक्षण प्रदान कर प्रबन्धन व्यवस्था को बेहतर बनाने मे सहायता के लिये एमडीपी का आयोजन किया जाता है।

अपने अपने सम्बन्धित क्षेत्रो मे अग्रणी कार्य करने के लिये विशिष्ट “उत्क्रष्टता के केन्द्र” , कृषि के क्षेत्र मे “कृषि प्रबन्धन केन्द्र”, नेत्रत्वशीलता “मानव मूल्यो मे नेतृत्व के लिये केन्द्र” तथा उद्यमशीलता के लिये “उद्यम विकास एवं नये अभियान प्रबन्धन के लिये केन्द्र” की स्थाप्ना की गयी है।

आई आई एम एल के पाठ्यक्रम के विकल्पों की विविधता कक्षा के बाहर की गतिविधियों के विस्तार द्वारा समरूप की गयी हैं। प्रत्येक विद्यार्थी प्रतिभागिता के लिये सुविस्तृत अवसरों को हासिल करता है तथा सह- पाठ्यक्रम एवं पाठ्यक्रम से इतर गतिविधियों की वृहद श्रेणियो मे भाग लेता है।

कोर्पोरेट जगत की विशिष्ट हस्तियों के साथ विद्यार्थियो व शिक्षकों का नियमित सम्वाद हमारे विद्यार्थियों को एक नेतृत्वकर्ता के रूप मे परिवर्तित होने के लिये सहायक होता है ना कि कल के प्रबन्धक होने के लिये।

विश्व स्तरीय पुस्तकालय, कम्प्यूटिंग, तथा अन्य शैक्षणिक व सृजनात्मक सुविधाए सीखने की प्रक्रिया को समृद्ध करती हैं।

3000से अधिक पूर्व विद्यार्थियों का नेटवर्क, इसके प्रतिनिधि, पूरे विश्व मे फैले हुए है, उद्योगो मे अग्रणी पदो पर आसीन तथा विद्वान तो सस्थान की व्यक्तित्व के पोषण के प्रति कटिबद्धता तथा उत्क्रष्टता की तलाश की एक झलक मात्र है।
अपनी स्थाप्ना के पहले ही दिन से आईआईएम लखनऊ ने वैश्विक परिद्रश्य मे प्रबन्धन के क्षेत्र मे एक अग्रणी संस्थान होने का स्वप्न संजो लिया था। आज वह स्वप्न एक वास्तविकता बन चुका है क्योकि आईआईएमएल के विद्यार्थी तथा शिक्षा परिषद के सदस्य पूरे विश्व मे अपनी दक्षता तथा पेशेवर अनुभवो के लिये आदरपूर्वक पहचाने जाते हैं।

देवी सिंह

निदेशक

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